चंदौली—जिले की सैयदराजा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने गोवध के मुकदमे में वांछित 25,000 के इनामी अभियुक्त विकास यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को 29 अगस्त को उसके घर के पीछे स्थित बगीचे से दबोचा.
मामला 25 मार्च 2026 का है, सैयदराजा पुलिस जेठमलपुर तिराहा स्थित NH-2 हाईवे की उत्तरी लेन पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान चंदौली की ओर से आ रही बिना नंबर प्लेट की सफेद पिकअप को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो डाले में प्लास्टिक के कैरेट लगाए गए थे. कैरेट हटाने पर अंदर 6 सांड़ बेहद क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बंधे मिले. पुलिस के मुताबिक गोवंश मुश्किल से सांस ले पा रहे थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था.
वाहन के चेसिस नंबर की जांच के बाद उसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP70LT9005 सामने आया। वाहन के पंजीकृत स्वामी के रूप में गंगाधर पाण्डेय का नाम सामने आया। इस मामले में सैयदराजा थाने में मु.अ.सं. 88/2026 के तहत गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.
पूछताछ में तस्करी की बात कबूली —
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार विकास यादव ने पूछताछ में बताया कि उसने और वाहन मालिक गंगाधर पाण्डेय ने मिलकर वाहन खरीदा था और गोवंशों की तस्करी की योजना बनाई थी. दोनों आसपास के क्षेत्रों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदने और छुट्टा गोवंशों को इकट्ठा कर वाहन से तस्करी करने का काम करते थे.
25 मार्च को भी विकास गोवंश लदे वाहन को लेकर जा रहा था. पुलिस के मुताबिक, रास्ते में वाहन पास कराने वाले तस्कर की ओर से लोकेशन नहीं मिलने के कारण पुलिस की चेकिंग देखकर वह वाहन छोड़कर फरार हो गया था.
आरोपी का आपराधिक इतिहास —
गिरफ्तार विकास यादव के खिलाफ सैयदराजा और हंडिया थानों में कुल तीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं. इनमें दो मामले गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम से संबंधित हैं, जबकि एक मामला BNS की धाराओं में दर्ज है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. कार्रवाई थानाध्यक्ष सैयदराजा अशोक कुमार मिश्र और क्राइम प्रभारी राम जन्म यादव, मुख्य आरक्षी राणा प्रताप सिंह, रामानंद यादव,आशुतोष सिंह, सतीश सिंह, आ0 अमित सिंह, आरक्षी महेश कुमार के नेतृत्व में की गई.









