रिपोर्ट – जय प्रकाश तिवारी (jai tiwari)
चंदौली/मिर्जापुर— कुछ कहानियां कागज पर नहीं, जंगल की खामोशी में खत्म होती हैं. 22 वर्षीय अंशु चौरसिया की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही. जिसमें प्यार था, विरोध था, रिश्तों का टूटना था और अंत में बेहद दर्दनाक मौत…चंदौली जनपद के कंदवा थाना क्षेत्र के अमड़ा गांव की रहने वाली अंशु की 26 मार्च 2025 को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के ओढ़वार गांव निवासी किशन चौरसिया से शादी हुई थी. शुरुआती एक सप्ताह तक सब सामान्य रहा, लेकिन 12 अप्रैल को अंशु अचानक घर से गायब हो गई. काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 13 अप्रैल को मुगलसराय कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई.
ससुराल पक्ष का आरोप था कि अंशु का मायके में ही एक युवक से नजदीकी संबंध था. पुलिस उसी दिशा में जांच कर रही थी कि बृहस्पतिवार की सुबह मिर्जापुर जिले के चुनार कोतवाली क्षेत्र स्थित बजाहूर जंगल में खून से लथपथ एक युवती का शव मिला. शव की हालत देख पुलिस भी सन्न रह गई. धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, और पहचान छिपाने के लिए पत्थरों से सिर कुचला गया था. सूचना पर चुनार कोतवाल और सीओ चुनार मंजरी राव मौके पर पहुंचे. घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ने पुष्टि की कि मृतका की जेब से मिले एक पर्ची पर सैयदराजा के एक सोनार के दुकानदार का नाम अंकित था. कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी मिले जिससे मृतका पहचान अंशु चौरसिया पत्नी किशन चौरसिया के रूप में हुई. परिजनों से बातचीत में यह भी सामने आया कि अंशु की पूर्व में तीन शादियां गाज़ीपुर, बिहार के बाद मुग़लसराय में हो चुकी थीं और वह पिछले कुछ समय से ससुराल व मायके दोनों से अलग रह रही थी. क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वह किसी नजदीकी परिचित के साथ मिर्जापुर आई थी, जहां यह वारदात हुई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिर्जापुर क्राइम ब्रांच और मुगलसराय कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई है. एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा.
अंशु चौरसिया केस: एक नज़र में —
पड़ोसी युवक से प्रेम संबंध, परिवार की सहमति नहीं मिल पाई.
परिजनों के दबाव में अंशु ने प्रेम संबंध से दूरी बनाने की कोशिश की.
26 मार्च 2025 को मुगलसराय क्षेत्र में हुई शादी.
शादी के बाद कुछ दिन सामान्य रहे, फिर रिश्तों में तनाव बढ़ा.
12 अप्रैल को अंशु अचानक घर से लापता हो गई.
13 अप्रैल को मुगलसराय कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज.
पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही थी, नजदीकी पर भी शक.
8 जनवरी को मिर्जापुर के बजाहूर जंगल में शव मिला.
धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, पहचान मिटाने की कोशिश.
मिर्जापुर व चंदौली पुलिस संयुक्त जांच में जुटी, जल्द खुलासे का दावा.





