वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के दवालपुर गांव में गुरुवार को हुए विवाद के दौरान बाइक सवार बदमाशों ने एक किशोर समीर सिंह (14) की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था. शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक का शव एंबुलेंस से परिजन लेकर अपने गांव रसूलपुर जा रहे थे, तभी हरहुआ पुलिस चौकी अंतर्गत हरहुआ चौराहे पर स्थिति अचानक बिगड़ गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही एंबुलेंस हरहुआ चौराहे पर पहुंची, पहले से मौजूद कुछ लोगों और मृतक के साथ चल रहे बाइक सवारों ने एंबुलेंस को रोक लिया. देखते ही देखते आक्रोशित लोगों ने चौराहे पर चक्का जाम कर दिया. इस दौरान करीब 25 मिनट तक हरहुआ चौराहे से होकर गुजरने वाले सभी मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया.वाराणसी-बाबतपुर मार्ग सहित आसपास के रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. एंबुलेंस चालक के मुताबिक, जब वह शव लेकर चौराहे से निकलने का प्रयास कर रहा था, तभी कुछ लोगों जबरन एंबुलेंस रोकने की कोशिश की, एंबुलेंस न रुकने पर उग्र भीड़ ने एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया और चाबी निकाल ली. इसके बाद एंबुलेंस में रखे शव को जबरन बाहर निकालने का प्रयास किया गया. मृतक के पिता लगातार लोगों से शव न निकालने की अपील करते रहे, लेकिन आक्रोशित भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी. शव को चौराहे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई. घटना की सूचना मिलते ही गोमती जोन के डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, एसीपी राजातालाब, थाना अध्यक्ष बड़ागांव चौकी प्रभारी हरहुआ सहित थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई. अधिकारियों ने काफी समझाने बुझाने के बाद परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. शव को पुनः एंबुलेंस में रखवाकर चक्का जाम समाप्त कराया गया. एंबुलेंस की चाबी नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था कर शव को रसूलपुर भेजा गया. इस दौरान सभी पुलिस अधिकारी मृतक के शव के साथ उसके घर तक गए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.





