चंदौली—जिले में एक चालक ने अपनी ऑटो वाहन की लूट की झूठी सूचना डायल 112 पुलिस को दी. जांच में मामला फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने मालिक और चालक को गिरफ्तार कर थाने लें आई. मालिक ने फाइनेंस की किस्तें चुकाने से बचने के लिए यह झूठी सूचना दिलवाई थी.
पुलिस ने बताया कि शनिवार को डायल 112 के माध्यम से थाना सैयदराजा पुलिस को 10 हज़ार रुपये लूट की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही थाना सैयदराजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू किया था.
जांच में पता चला कि सूचनाकर्ता ऑटो चालक ने ही मालिक के कहने पर लूट की झूठी जानकारी दी थी. पुलिस ने आरोपी मोहन गुप्ता निवासी चिरईगांव थाना कंदवा और मालिक ओम प्रेम जायसवाल निवासी कस्बा चंदौली को हिरासत में लेकर पूछताछ किया है. पूछताछ में मोहन ने स्वीकार किया कि उसने कुछ महीने पहले चंदौली कस्बा निवासी प्रेम जयसवाल से 80 हज़ार रुपये में ऑटो खरीदा था. प्रेम जायसवाल ने यह गाड़ी नैढ़ी के रहने वाले इमामुल से ख़रीदा था. इमामुल जब ऑटो खरीदे थे तब एक निजी फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस पर ली थी. उसने केवल कुछ किस्तें ही जमा की थीं, जिसके बाद उस पर फाइनेंस कंपनी और अन्य लोगों का कर्ज हो गया था. इमामुल ने यह ऑटो चंदौली कस्बा के रहने वाले प्रेम जायसवाल को बेच दिया. कुछ दिन बाद प्रेम जायसवाल ने यह गाड़ी मोहन गुप्ता को बेचिनामा पर बेच दी.
पुलिस से पूछताछ में प्रेम जायसवाल ने बताया कि वह यह कर्ज चुका नहीं पा रहा था. इसलिए वह बेचीनामा नाम पर ऑटो को मोहन गुप्ता को बेच दी. प्रेम जायसवाल ने ही मोहन से फर्जी लूट की सूचना दिलवा कर यह साजिश रची थी. फाइनेंस कंपनी को किस्तें जमा न करनी पड़ें, इसी उद्देश्य से उसने डायल-112 पर लूट की झूठी सूचना दी थी. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके अन्य विधि कार्रवाई जुटी गई है.





