चंदौली—मुगलसराय कोतवाली में सरदार सेना के महामंत्री और रिटायर्ड फौजी के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है. वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र के वार्ड रामपुर निवासी सुनील कुमार पटेल पुत्र मिश्रीलाल सिंह ने जिलाधिकारी चंदौली को शिकायती पत्र देकर पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायतकर्ता ने घटना की जांच कराने के साथ ही 25 अगस्त की शाम की कोतवाली की CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है.
शिकायत के मुताबिक, सुनील पटेल 25 अगस्त 2026 को करीब शाम 4:30 बजे एक मामले के संबंध में मुगलसराय कोतवाली पहुंचे थे. आरोप है कि थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह से बातचीत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर लात-घूंसे, डंडे और लाठी से पीटा गया तथा गंभीर चोटें पहुंचाई गईं.
सुनील पटेल ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके नाक और कान से खून निकलने लगा और कपड़े भी खून से भीग गए. शिकायत में यह भी कहा गया है कि बेहोशी की हालत में उनके कपड़े बदल दिए गए और कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। होश में आने के बाद दर्द होने पर दवा मांगने का आरोप है, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें दवा नहीं दी गई.
शिकायतकर्ता ने प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के साथ सिपाही अनिल कुमार सिपाही रविंद्र तथा अन्य पुलिसकर्मियों पर भी आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि बाद में उन्हें हवालात में बंद कर दिया गया और पुलिस द्वारा उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में चालान कर दिया गया.
CCTV फुटेज से सामने आ सकता है सच —
मामले में सुनील पटेल ने मुगलसराय कोतवाली थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह को भी प्रार्थना पत्र देकर 25 अगस्त की शाम 4:30 बजे से 7:00 बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के संबंध में कोतवाली में लगे CCTV कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है.
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर आरोपित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.









