चंदौली—महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाने, बंधक बनाकर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समिति तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, नकदी, एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वाई-फाई डिवाइस और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए हैं.
डायल-112 और IGRS पर लगातार मिल रही थीं शिकायतें -—
पुलिस के अनुसार, चंदौली जिले में डायल-112 और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक संगठित गिरोह नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को अपने जाल में फंसा रहा है। इसके बाद साइबर सेल ने शिकायतों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि गिरोह महिलाओं को पूर्व निर्धारित स्थान पर बुलाकर खुद को पुलिस टीम बताता था और उन्हें डराने-धमकाने के बाद आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था।
रामनगर से मकान तक ले जाकर महिला को बनाया बंधक —
मुगलसराय कोतवाली में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आशा देवी ने 27 अगस्त 2026 को तहरीर दी थी। आरोप है कि 14 मई 2026 को नौकरी दिलाने के बहाने आरोपियों ने उन्हें रामनगर चौराहे से ग्राम डहिया स्थित एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां मौजूद लोगों और खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाली महिला ने उनके साथ मारपीट और गलत हरकत की. आरोपियों ने वीडियो बनाकर उसे परिजनों को वायरल करने की धमकी दी.
पीड़िता को करीब दो दिन तक बंधक रखने के बाद परिजनों से लगभग 30000 रूपये मंगवाए गए और 15 मई को उसे छोड़ा गया। इस दौरान उसका मोबाइल भी छीन लिया गया और फोन-पे के माध्यम से करीब 75000 रूपये जबरन ट्रांसफर कराने का आरोप है.
दूसरी महिला से मांगे पांच लाख, खाते से भी कराए ₹1.14 लाख ट्रांसफर —
एक अन्य मामले में वादिनी ने आरोप लगाया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के सिलसिले में उसे रामनगर चौराहे से ग्राम डहिया स्थित मकान में ले जाया गया। वहां तीन अज्ञात पुरुषों और एक महिला ने उसे कमरे में बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाया। वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए आरोपियों ने 5 लाख रूपये फिरौती मांगी.
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। आरोपियों ने उसका मोबाइल छीनकर उसके पति को फोन किया और फिरौती की मांग की। बाद में उसके बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से करीब 1.14 लाख रूपये भी ट्रांसफर करा लिए. पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही.
Locanto से शुरू हुआ था गिरोह का खेल —
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ राकी ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले ऑनलाइन Locanto वेबसाइट के माध्यम से एस्कॉर्ट सर्विस संचालित करता था। वर्ष 2023 में एक एस्कॉर्ट महिला द्वारा कथित धोखाधड़ी किए जाने के बाद उसने एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई.
आरोप है कि इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया। गिरोह एस्कॉर्ट महिलाओं को बुक करके बुलाता था और पूर्व निर्धारित स्थान पर उन्हें बंधक बनाकर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाता था। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं और उनके परिजनों से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से रुपये वसूले जाते थे.
महिलाओं को लाने का काम करता था विशम्भर —
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि विशम्भर विश्वकर्मा महिलाओं को रामनगर चौराहे से बद्रीपुरम स्थित मकान तक लेकर आता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य महिलाओं को बंधक बनाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाते और फिर परिजनों को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फिरौती मांगते थे।
महिला आरोपी खुद को बताती थी CBI अधिकारी —
गिरोह में शामिल अंजली गुप्ता की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है। पुलिस के मुताबिक वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। आरोप है कि फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड तथा बैंक खातों के माध्यम से फिरौती की रकम प्राप्त करने और गिरोह के वित्तीय लेनदेन को मैनेज करने में भी उसकी भूमिका थी।ल.
आठ मोबाइल, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद —
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से:
- 08 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- ₹72,300 नकद
- 09 एटीएम कार्ड
- 05 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड
- पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, श्रम कार्ड और कोविड कार्ड
- विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक
- 01 पोर्टेबल वाई-फाई डिवाइस
- 01 टॉर्चर किट
- 01 स्कूटी
- 01 मोटरसाइकिल
बरामद की है। बरामद वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है।
सरगना समेत चार गिरफ्तार —
पुलिस ने विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस दस्तावेज के अनुसार आरोपियों के वर्तमान पते चंदौली तथा मूल पते प्रयागराज और वाराणसी क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं।
मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल का बड़ा गुडवर्क —
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान और वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान मुगलसराय थाना अध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सूरज, साइबर थाना के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला और पुलिस टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से 28 अगस्त 2026 को डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित एक मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया। पीड़िताओं ने आरोपियों की पहचान भी की.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही गिरोह द्वारा पूर्व में की गई अन्य घटनाओं और इससे जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है.









