चंदौली— जनपद की राजनीति में उस वक्त चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया, जब लंबे समय से एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले नेता एक संत समागम में एक साथ नजर आए। मंच साझा करने वाले इन नेताओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में इसे महज संयोग मानने के बजाय आगामी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
एक साथ गाड़ी में बैठे दिखे दोनों नेता—
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एमएलसी विनीत सिंह की संभावित भूमिका पर भी मानी जा रही है. चर्चा है कि क्या सुशील सिंह और मनोज सिंह ‘डब्बलू’ के बीच सियासी दूरियों को पाटने की कोशिश की जा रही है? चार बार विधायक रह चुके और अब संसद पहुंचने की मंशा रखने वाले सुशील सिंह को लेकर यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि कहीं वह सैयदराजा विधानसभा सीट मनोज सिंह के लिए सुरक्षित करने की दिशा में तो नहीं बढ़ रहे? सूत्रों का दावा है कि सकलडीहा सीट को लेकर लंबी राजनीतिक बातचीत के बाद प्रभु नारायण यादव के नाम पर सहमति बनने के बाद सुशील सिंह ने सैयदराजा सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की थी. ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि महज चार दिन पहले एक साक्षात्कार में दोनों नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर तीखे तंज कसे गए थे, यहां तक कि आपसी आरोप-प्रत्यारोप में ‘हैदराबादी’ जैसे शब्दों का भी प्रयोग हुआ था। इसके बावजूद एक ही मंच पर उनकी मौजूदगी ने आम जनता को भी अचंभित कर दिया है. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हाल ही में दर्ज हुए मामलों के चलते मनोज सिंह ‘डब्बलू’ सत्ता के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले सरस्वती विसर्जन और डीजे को लेकर चंदौली पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसके बाद मनोज सिंह सहित कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी. बहरहाल, संत समागम में दिखी यह सियासी नजदीकी आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल चंदौली की राजनीति में इसे बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है.