आज बहुत से लोग मोबाइल ऐप के जरिए ₹100 या ₹500 का सोना खरीद लेते हैं। स्क्रीन पर गोल्ड का बैलेंस दिखाई देता है और उन्हें लगता है कि उन्होंने सोने में निवेश कर लिया। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपने वास्तव में कौन-सा गोल्ड खरीदा है और वह किस नियामकीय व्यवस्था के अंतर्गत आता है?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की 26 सितंबर की घोषणा इसी सवाल को समझने का एक अच्छा अवसर देती है। NSE ने बताया कि ऑगमॉन्ट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी ऑगमॉन्ट गोल्ड टेक को Electronic Gold Receipts यानी EGR को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख साझेदार के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.
EGR क्या है?
सरल शब्दों में EGR को सोने की इलेक्ट्रॉनिक रसीद समझ सकते हैं. निर्धारित मानकों वाला फिजिकल गोल्ड पंजीकृत वॉल्ट में रखा जाता है और उसके बदले EGR जारी होता है, जो डीमैट खाते में दर्ज रहता है.
EGR की खरीद-बिक्री एक्सचेंज पर की जा सकती है. निर्धारित प्रक्रिया और लागू शुल्कों के अनुसार EGR धारक फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी का अनुरोध भी कर सकता है.
यानी सोना आपके हाथ में न होते हुए भी उसके पीछे निर्धारित मात्रा और शुद्धता वाला फिजिकल गोल्ड मौजूद रहता है.
Digital Gold, Gold ETF और EGR एक जैसे नहीं
यह सबसे महत्वपूर्ण अंतर है। मोबाइल ऐप पर मिलने वाला Digital Gold, Gold ETF और EGR—तीनों अलग-अलग प्रोडक्ट हैं।
ऐप आधारित Digital Gold SEBI के नियामकीय ढांचे के अंतर्गत नहीं आता। SEBI ने ऐसे प्रोडक्ट से जुड़े संभावित प्लेटफॉर्म और संचालन संबंधी जोखिमों को लेकर सार्वजनिक रूप से सावधानी बरतने की बात कही है.
वहीं Gold ETF और EGR SEBI के नियामकीय ढांचे में आते हैं. दूसरी ओर Sovereign Gold Bond (SGB) एक अलग सरकारी प्रतिभूति है, जिसे RBI भारत सरकार की ओर से जारी करता है.
UPI से भुगतान करने का मतलब रेगुलेटेड गोल्ड नहीं—
एक आम गलतफहमी यह भी है कि अगर किसी ऐप पर UPI से भुगतान करके गोल्ड खरीदा गया है तो वह RBI द्वारा रेगुलेटेड होगा.
ऐसा नहीं है.
किसी गोल्ड प्रोडक्ट की नियामकीय स्थिति इस बात से तय नहीं होती कि आपने भुगतान UPI से किया, कार्ड से या बैंक खाते से। यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन-सा प्रोडक्ट खरीदा है और वह किस नियामकीय ढांचे में आता है.
ऑगमॉन्ट Digital Gold से जुड़ी सेवाएं भी देता है, लेकिन उसकी EGR संबंधी NSE साझेदारी का मतलब यह नहीं है कि ऐप पर उपलब्ध Digital Gold अपने आप EGR बन गया।
EGR कोई नया बाजार नहीं —
यह भी समझना जरूरी है कि NSE पर EGR की ट्रेडिंग पहले से उपलब्ध है. 26 सितंबर की घोषणा EGR की शुरुआत की खबर नहीं, बल्कि ऑगमॉन्ट गोल्ड टेक की नई साझेदारी और भूमिका से जुड़ी है.
इस साझेदारी का उद्देश्य EGR की पहुंच और उपयोग को बढ़ावा देना है. हालांकि इससे सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव, खरीद-बिक्री से जुड़े खर्च, वॉल्ट व्यवस्था और फिजिकल डिलीवरी से जुड़ी लागत या शर्तें समाप्त नहीं होतीं.
अगली बार ऐप पर Gold दिखे तो ये सवाल जरूर पूछें
मोबाइल स्क्रीन पर सिर्फ “Gold Balance” देखकर संतुष्ट न हों। यह जरूर समझें कि आपने क्या खरीदा है—
Digital Gold, Gold ETF या EGR?
सोना खरीदने से पहले उसके नाम से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं उसके नियम, नियामकीय स्थिति, शुल्क, डिलीवरी की शर्तें और जोखिम.
जानकारी के साथ निवेश कीजिए और अपने पैसे को समझकर इस्तेमाल कीजिए.
ऐसे ही सीखते रहिए, मुस्कुराते रहिए और जीवन का आनंद लेते रहिए.
Written by:
Dr. Vinay Prakash Tiwari
Founder – LTP Calculator Financial Technology Pvt. Ltd. & Daddy’s International School & Hostel, Bishunpura Kanta, Chandauli, Uttar Pradesh.
उपयोगी स्रोत:
• NSE – Electronic Gold Receipts (EGR) संबंधी जानकारी
• SEBI – EGR से संबंधित जानकारी
• SEBI – Digital Gold संबंधी सार्वजनिक चेतावनी
• RBI – Sovereign Gold Bond संबंधी जानकारी
अस्वीकरण: यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से है और व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं है. किसी भी गोल्ड प्रोडक्ट में निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेज, शुल्क, डिलीवरी की शर्तें, नियामकीय स्थिति और जोखिमों को अच्छी तरह समझ लें.









