Jai tiwari —
वाराणसी—अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट), वाराणसी ने मामले में किशोर अपचारी को वयस्क के रूप में विचरण करते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.
मामला थाना बड़ागांव में वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार, मुकदमे में धारा 376 एबी भादवि एवं 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी. विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की.
गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत पैरवी —
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस के मुताबिक, मामले में गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ लोक अभियोजक द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने 24 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया.
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका —
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक (क्रिमिनल) संतोष कुमार सिंह, विवेचक निरीक्षक संजय कुमार सिंह, थाना बड़ागांव के पैरोकार कांस्टेबल अजय कुमार और कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल अंशु पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत पुलिस द्वारा लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी कर आरोपितों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है.









