चंदौली—विकासखंड चकिया के कंपोजिट विद्यालय बैरा में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है. वर्ष 2020-21 में शुरू हुआ विद्यालय की चारदीवारी और गेट का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है. अधूरी बाउंड्री के चलते विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
विद्यालय प्रबंधन के मुताबिक, इस मामले की जानकारी खंड विकास अधिकारी (BDO), ADO पंचायत और उप जिलाधिकारी चकिया समेत कई अधिकारियों को लिखित रूप से दी जा चुकी है, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद निर्माण पूरा कराने को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
बाउंड्री अधूरी होने का खामियाजा विद्यालय को लगातार भुगतना पड़ रहा है. विद्यालय का ताला बार-बार तोड़े जाने, परिसर में मवेशियों और आवारा जानवरों के घुसने की शिकायत सामने आई है. वहीं, शरारती तत्व विद्यालय की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिखने के साथ परिसर में गंदगी भी फैला रहे हैं.
आरोप है कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत लगाए गए टाइल्स, नल, शौचालय की पाइप और पानी की टंकी समेत अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा और सुविधाओं का यह हाल क्यों है?
DM चंदौली से ग्रामीणों की सीधी मांग —
ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने जिलाधिकारी चंदौली से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जांच कराने और वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की है। सवाल यह है कि जब मामला कई अधिकारियों के संज्ञान में है, तो आखिर पांच साल से अधूरी पड़ी विद्यालय की चारदीवारी कब पूरी होगी?
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अब निगाहें DM चंदौली के हस्तक्षेप पर टिकी हैं.









