चंदौली—जिले में सरकारी अभिलेखों में जीवित लोगों को मृत दिखाए जाने का मामला एक बार फिर सामने आया है. जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने खड़ान निवासी रविशंकर विश्वकर्मा पुत्र मार्कण्डेय विश्वकर्मा के मामले को उठाते हुए संबंधित विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
अंजनी सिंह के मुताबिक, रविशंकर विश्वकर्मा जीवित हैं, लेकिन राशन कार्ड से संबंधित प्रक्रिया में उनके नाम का आवेदन करने पर उन्हें मृत दिखाया जा रहा है. उनका आरोप है कि इस वजह से करीब पांच साल बाद जारी हुए नए राशन कार्ड में भी रविशंकर विश्वकर्मा का नाम शामिल नहीं हो पाया.
अंजनी सिंह ने कहा कि “चंदौली में जिंदा मुर्दों को ढूंढ़ना अब मेरी लड़ाई है.” उन्होंने जिलाधिकारी चंदौली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान इस मामले की ओर आकृष्ट कराते हुए सरकारी अभिलेखों में जीवित लोगों को मृत घोषित किए जाने की व्यवस्था की जांच और सुधार की मांग की.
उन्होंने चंदौली की जनता से अपील की कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को किसी सरकारी विभाग के अभिलेखों में मृत घोषित किया गया है तो इसकी जानकारी उन्हें दी जाए.अंजनी सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों और सरकार से शिकायत की जाएगी.
जिला पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया कि जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत दिखाना गंभीर लापरवाही के साथ-साथ भ्रष्टाचार और धन उगाही का माध्यम बनता जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी शिकायतें उनके पास लगातार आती रहीं तो वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और उच्चस्तरीय कार्रवाई के लिए आवाज उठाएंगे.
हालांकि, विभागीय स्तर पर इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है.









