चंदौली—जिले में मानसून की बेरुखी और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है. बारिश नहीं होने के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है. इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि पर्याप्त बिजली न मिलने से पंप कैनाल और सरकारी नलकूपों का संचालन बाधित हो गया है.
धान की खेती के इस महत्वपूर्ण समय में सिंचाई के लिए किसान पूरी तरह पंप कैनाल और नलकूपों पर निर्भर हैं, लेकिन बिजली संकट के चलते कई स्थानों पर सिंचाई व्यवस्था ठप पड़ी है. इससे धान की फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है और किसानों की चिंता लगातार गहराती जा रही है. उधर, बढ़ती बिजली खपत के कारण ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनों पर ओवरलोडिंग की समस्या भी सामने आ रही है. तकनीकी फाल्ट और अधिक लोड के चलते रात के समय कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है. इससे लोगों को भीषण गर्मी के साथ-साथ पेयजल संकट और अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि रात में बिजली कटौती से घरों में गर्मी से राहत नहीं मिल रही, वहीं मोटर नहीं चल पाने के कारण पानी की भी समस्या उत्पन्न हो रही है. किसानों ने मांग की है कि सिंचाई के लिए पंप कैनालों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि धान की फसल को नुकसान से बचाया जा सके.
भूपौली पावर हाउस से जुड़े बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ी हुई मांग के कारण पूरे सिस्टम पर दबाव है. तकनीकी खराबियों को दूर करने और बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.










