चंदौली—बलुआ थाना क्षेत्र में व्यापारी के साथ मारपीट और अवैध असलहे के प्रदर्शन के मामले में ओलंपियन शिवपाल सिंह को लेकर उठ रहे सवालों पर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंदौली ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि ओलंपियन शिवपाल सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों और निष्पक्ष विवेचना के आधार पर की गई है. एएसपी ने बताया कि घटना के सीसीटीवी फुटेज में शिवपाल सिंह अपने भाई नन्दकिशोर सिंह और अन्य लोगों के साथ व्यापारी के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी दौरान नन्दकिशोर सिंह के पास अवैध असलहा भी था, जिसे लहराकर क्षेत्र में दहशत फैलाने का प्रयास किया गया. बाद में पुलिस ने उक्त अवैध असलहा भी बरामद कर लिया. पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान एक अन्य घटना का भी सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दोनों भाई एक साथ मौजूद हैं और नन्दकिशोर सिंह पर एक पिकअप चालक के साथ मारपीट तथा अवैध असलहा लहराने का आरोप है. इस मामले में भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है. एएसपी ने स्पष्ट कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर “ओलंपियन शिवपाल सिंह को गलत फंसाया गया” जैसी बातें तथ्यहीन और भ्रामक हैं. पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानून के अनुरूप और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है तथा विवेचना में सामने आने वाले हर साक्ष्य का निष्पक्ष परीक्षण कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.