चन्दौली—जिले में ईंट भट्ठों पर नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने के मामले को P-7 न्यूज द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए व्यापक कार्रवाई की। खबर के प्रकाशन के बाद पुलिस व श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बाल श्रम के मामले का खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक आदित्य लाग्हें के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन बचपन अभियान” के तहत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) प्रभारी निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह और बालश्रम अधिकारी चन्द्रप्रकाश ने थाना मुगलसराय क्षेत्र के ग्राम रौना स्थित दो ईंट भट्ठों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कुल छह नाबालिग बच्चों को ईंट भट्ठों पर कार्य करते हुए पाया गया। टीम ने तत्काल सभी बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराते हुए आवश्यक पूछताछ की और उनके परिजनों को सख्त चेतावनी एवं हिदायत के साथ सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों को शिक्षा से वंचित कर श्रम में लगाना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बालश्रम अधिकारी ने संबंधित भट्ठा संचालकों के विरुद्ध चाइल्ड लेबर (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 8, 9(2) तथा नियम 11 व 16 के तहत विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। साथ ही जिला पंचायत को भी निर्देशित किया गया है कि जिले के सभी ईंट भट्ठा संचालकों की जांच कर बालश्रम मुक्त संचालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में ईंट भट्ठों, ढाबों, कारखानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर भी अभियान चलाकर बाल श्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद भट्ठा संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।







