वाराणसी/चंदौली — पूर्वांचल के जरायम जगत में वर्षों से रहस्य बना रहा कुख्यात सुपारी शूटर और हिस्ट्रीशीटर बनारसी यादव आखिरकार मंगलवार देर रात बनारस एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया. सारनाथ निवासी कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें बनारसी की तलाश में थीं, एसटीएफ ने बनारसी यादव को चौबेपुर रिंग रोड के पास घेराबंदी कर ढेर कर दिया. मंगलवार रात एसटीएफ को बनारसी यादव की लोकेशन मिलने के बाद टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की. एसटीएफ ने उसे चारों ओर से घेर कर सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन बनारसी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसकी गोलियों से टीम के दो जवान बाल-बाल बच गए. इसके बाद एसटीएफ ने चक्रव्यूह रचते हुए बैकअप फायरिंग के बीच दो जवानों को आगे बढ़ाया. आमने-सामने हुई करीब पांच राउंड की फायरिंग में दो गोलियां बनारसी यादव को लगीं और वह मौके पर गिर पड़ा. घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसटीएफ ने उसके पास से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे.
जरायम जगत का ‘अदृश्य’ शूटर, मोबाइल फोन से थी दूरी —
पूर्वांचल के आपराधिक इतिहास में बनारसी यादव को अदृश्य शूटर के नाम से जाना जाता था. पुलिस उसे नाम से पहचानती थी, लेकिन लंबे समय तक न तो उसकी तस्वीर उपलब्ध थी और न ही ठोस लोकेशन. वह न मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था और न ही किसी एक जगह रुकता था. ठिकाने बदलना और सीमित संपर्क रखना उसकी पहचान थी. सूत्रों पर विश्वास करें तो गाजीपुर जिले के करंडा का रहने वाला बनारसी कई माफियाओं के इशारे पर सुपारी किलिंग को अंजाम दे चुका था. उम्र के इस पड़ाव पर भी वह फुर्ती और सटीक निशाने के लिए कुख्यात था.
50 करोड़ की जमीन, 5 लाख की सुपारी —
पुलिस जांच में सामने आया कि कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या 50 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर रची गई साजिश का नतीजा थी। इस वारदात के लिए गाजीपुर के शूटरों को 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. मामले में साजिशकर्ता योगेंद्र यादव सहित चार आरोपियों—जोगेंद्र, संपूर्णानंद शुक्ला, चंदना शुक्ला और श्यामप्रकाश राजभर—को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य शूटर अरविंद यादव उर्फ फौजी को 3 जनवरी 2026 को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था। इसके बाद से ही बनारसी यादव की तलाश तेज कर दी गई थी और उस पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
अस्पताल में बनारसी यादव को डॉक्टरों ने मृत किया घोषित—
दिनदहाड़े हुई थी हत्या —
21 अगस्त 2025 की सुबह सारनाथ थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी में प्रॉपर्टी कारोबारी महेंद्र गौतम (54) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बुद्धा सिटी निवासी महेंद्र अपने घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित ऑफिस बाइक से जा रहे थे. ऑफिस से करीब 150 मीटर पहले एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक किया और करीब 10 फीट की दूरी से चलती बाइक से फायरिंग कर दी। तीनों शूटरों के चेहरे ढंके हुए थे। गोली लगते ही महेंद्र गिर पड़े और बदमाश पिस्टल लहराते हुए फरार हो गए. उन्हें मलदहिया के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया, जिसकी आखिरी कड़ी बनारसी यादव था.
मुठभेड़ की बड़ी बातें —
चौबेपुर रोड पर रिंग रोड के पास STF की घेराबंदी सरेंडर की चेतावनी के बावजूद फायरिंग आमने-सामने 5 राउंड गोलियां चलीं दो पिस्टल और कारतूस बरामद
एक नजर में महेंद्र गौतम हत्याकांड—
21 अगस्त 2025: सारनाथ में कॉलोनाइजर की हत्या 3 जनवरी 2026: मुख्य शूटर अरविंद यादव गिरफ्तार मंगलवार रात मुख्य शूटर बनारसी यादव मुठभेड़ में ढेर