चंदौली— दिसंबर 2025 चंदौली जिले के लिए बेहद चिंताजनक रहा. बीते पूरे महीने में सड़क दुर्घटनाओं, रेल हादसों, संदिग्ध मौतों और आपराधिक घटनाओं की लंबी फेहरिस्त सामने आई है. उपलब्ध घटनाक्रमों के अनुसार, सड़क हादसों में कम से कम 20 से अधिक लोगों की जान गई, जबकि ट्रेन की चपेट में आने से 4 से 5 मौतें दर्ज हुईं. इसके अलावा फांसी लगाकर आत्महत्या के 3 प्रमुख मामले सामने आए, जिनमें कुछ घटनाएं अब भी जांच के दायरे में हैं.
चंदौली में अज्ञात वाहन से जेंडर के उड़े थे चीथड़े—
दिसंबर के पहले ही सप्ताह से हादसों का सिलसिला शुरू हो गया था. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बाइक, ट्रैक्टर, ऑटो, ट्रक और अज्ञात वाहनों की टक्कर से लगातार मौतें होती रहीं। कई मामलों में घायल निजी अस्पतालों में ले जाए गए, जहां उपचार और रेफर प्रणाली को लेकर परिजनों ने सवाल भी उठाए. इसी क्रम में जिले में निजी अस्पतालों की भूमिका पर भी प्रशासनिक सख्ती की मांग उठने लगी है. रेल हादसों में सकलडीहा, अलीनगर और आसपास के क्षेत्रों में अज्ञात युवकों और स्थानीय निवासियों की मौत हुई, जिनकी पहचान और परिस्थितियों की जांच पुलिस द्वारा की गई. वहीं दुधारी, सैयदराजा और अन्य इलाकों में आत्महत्या और संदिग्ध मौतों ने सामाजिक चिंता बढ़ा दी.
बहादुरपुर में सेंध लगाकर आभूषण की दुकान से 50 लाख की चोरी —
अपराध के मोर्चे पर भी दिसंबर भारी रहा. पड़ाव और बलुआ क्षेत्रों में लाखों की चोरी, ज्वेलरी शॉप में सेंधमारी, घरों से नगदी-जेवर उड़ाने जैसी घटनाओं में अब तक कुछ मामलों का खुलासा नहीं हो सका है. इसके साथ ही मारपीट, गोलीकांड, किन्नर के घर बम हमले की चर्चाएं और सड़क जाम जैसी घटनाएं भी दर्ज हुईं। दिसंबर माह की घटनाएं जिले में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, निजी अस्पतालों की जवाबदेही और अपराध नियंत्रण को लेकर बड़े सवाल खड़े करती हैं. अब निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हैं—ताकि नए साल में चंदौली जिले में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके.