चंदौली — बीते 17 दिसंबर की रात सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित केजी नंदा हॉस्पिटल में हुए हंगामे के मामले में नया मोड़ आ गया है. हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के चेंबर में हुई घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं. वीडियो में राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव के साथ कथित बदसलूकी, धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार के दृश्य नजर आ रहे हैं.
वीडियो के अनुसार, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के चेंबर में मौजूद उनके भाई द्वारा राज्य महिला आयोग की सदस्य को “सीखाने” की धमकी दी जाती दिख रही है. यह पूरी घटना सीओ सदर, सदर कोतवाल और महिला थाना अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है. वीडियो में सुनीता श्रीवास्तव स्वयं बदसलूकी को लेकर सवाल उठाती और आपत्ति जताती नजर आ रही हैं.
वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि चेंबर से बाहर निकलते समय महिला आयोग की सदस्य के साथ धक्का-मुक्की होती है और डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी द्वारा उनका हाथ पकड़े जाने का दृश्य भी सामने आया है। वहीं, डॉ. तिवारी अपने ही चेंबर में हंगामा करते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं.
गौरतलब है कि इसी घटना को लेकर डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सदर कोतवाली का घेराव किया था और राज्य महिला आयोग की सदस्य पर गाली-गलौज व बदसलूकी करने के आरोप लगाए थे. हालांकि, 19 दिसंबर को सदर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में केजी नंदा हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी समेत 13 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.
वीडियो सामने आने के बाद डॉ. तिवारी के आरोपों की सच्चाई पर सवाल खड़े हो गए हैं. बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने से पहले डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी ने एक वीडियो जारी कर पूरे मामले को लेकर माफी भी मांगी थी. घटना के केंद्र में डॉक्टर के भाई को लेकर विवाद बना रहा, जिसमें अंत तक डॉक्टर द्वारा अपने भाई का बचाव किया जाता रहा.
इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक कार्यवाही, अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी और महिला आयोग की गरिमा से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.





