चंदौली — “गए थे हरि भजन को, फूटन लागे कपार”—ई कहावत चंदौली के केजी नंदा अस्पताल पर पूरी तरह फिट बैठ रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से संतान की आस लेकर आई महिलाओं को ना तो ममता का सुख मिल पाया, उल्टे अस्पताल के नाम पर एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया। मामला 17 दिसंबर का है, जब केजी नंदा अस्पताल के संचालक डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी सैकड़ों समर्थकों के साथ चंदौली सदर कोतवाली पहुंच गए। देखते-देखते कोतवाली परिसर अखाड़ा बन गया। करीब तीन घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला, सरकारी कामकाज ठप पड़ गया। हंगामे के दौरान कुर्सियां टूटने, धक्का-मुक्की और अराजकता फैलाने के आरोप लगे, जिससे पुलिसकर्मियों और फरियादियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को आखिरकार सदर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कस्बा चौकी इंचार्ज देवेंद्र कुमार सिंह की तहरीर पर केजी नंदा अस्पताल के संचालक डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी समेत 13 लोगों को नामजद किया। इसके अलावा अन्य प्रांतों से आई महिलाओं सहित करीब 150 अज्ञात के खिलाफ 7 सीएलए समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
अब सवाल यही है कि इतने संगीन आरोप और धाराएं लगने के बाद चंदौली पुलिस कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करेगी या फिर अस्पताल संचालक के रसूख और पकड़ के आगे मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल पूरा मामला चर्चा में है और आम जनता की निगाहें पुलिस की अगली चाल पर टिकी हुई हैं.






