Jai tiwari —
चंदौली—चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बसरतिया गांव में बुधवार का दिन ऐसा बीता, जिसे ग्रामीण लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे. कुछ ही घंटों के अंतराल पर तीन महिलाओं के निधन की खबर ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया. जब एक साथ तीन जनाजे गांव की गलियों से गुजरे तो माहौल सिसकियों से भर उठा. हर आंख नम थी और हर चेहरा स्तब्ध.
बसरतिया निवासी रामसेवक यादव की पत्नी सविता यादव तथा गांव के ही सुरेश मिश्रा की पत्नी ईदूकला लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. परिजन उनका इलाज कराने में जुटे थे, लेकिन बुधवार को दोनों ने अंतिम सांस ली. परिजनों के आंगन में रोना-पीटना मचा ही था कि इसी बीच गांव के ही रामाशीष यादव की पत्नी मालती देवी को अचानक ब्रेन हेमरेज हुआ. हालत गंभीर होने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता दिलाने की कोशिश की गई, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका. एक ही दिन में तीन घरों की महिलाओं के चले जाने से गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया. जिन गलियों में रोजमर्रा की चहल-पहल रहती थी, वहां मातमी सन्नाटा छा गया. महिलाओं के निधन से बच्चों और बुजुर्गों का रो-रोकर बुरा हाल था. रिश्तेदारों और आसपास के गांवों से लोग ढांढस बंधाने पहुंचते रहे.
देर रात तीनों महिलाओं का अंतिम संस्कार कैली गंगा घाट पर किया गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. कंधा देने वालों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. एक साथ तीन चिताएं जलने का दृश्य हर किसी के दिल को झकझोर गया. बसरतिया गांव में शोक की यह लहर अब भी गहराई तक महसूस की जा रही है.





