8 साल से चंदौली में नहीं हुआ कोई फुल एनकाउंटर: रोहितास पाल हत्याकांड समेत कई मामलों का खुलासा अब भी अधूरा, मार्च महीने में कुख्यात अपराधी बिरेन्द्र बेनवंशी का हुआ था फुल एनकाउंटर, पढ़े P-7 की खास रिपोर्ट
चंदौली—जिले में पिछले आठ वर्षों से किसी भी बड़े अपराधी का फुल एनकाउंटर नहीं हुआ है, हालांकि पुलिस मुढ़भेड़ में बदमाशों के पैर में गोली लगने के बाद उनके गिरफ्तारी का दावा अक्सर करती रहती है। दूसरी ओर आठ सालों में जिले में कई सनसनीखेज वारदातें हुईं, लेकिन अधिकांश मामलों में या तो आंशिक खुलासा हुआ या मुख्य आरोपी/शूटर अब भी कानून के शिकंजे से कोसों दूर हैं। मुगलसराय के चर्चित दवा कारोबारी रोहितास पाल हत्याकांड, धानापुर बस स्टैंड गोलीकांड, विभिन्न क्षेत्रों में लूट और हत्या की घटनाएं, तथा संगठित अपराध से जुड़े मामलों ने भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। हाल के वर्षों में अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने और फरार हो जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, इन मामलों में अपराधियों ने बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन पुलिस अब तक पूरी तरह से उनके नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं कर सकी है. रियल एस्टेट कारोबारियों, सर्राफा और खद्यान व्यापारियों का कहना है कि एक समय था जब पुलिस की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में खौफ रहता था, लेकिन बीते कुछ वर्षों में वह असर कम होता दिखाई दे रहा है. लगातार हो रही वारदातों के बावजूद बड़े स्तर की कार्रवाई या एनकाउंटर न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं. इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और कई मामलों का खुलासा भी किया गया है.
21 मार्च को शिवानंद मिश्रा और चंदौली क्राइम ब्रांच की टीम ने 50 हजार के इनामी कुख्यात कॉन्ट्रेक्ट किलर बिरेन्द्र बेनवंशी मार गिराया था —
वर्ष था 2018 का मार्च महीना, तत्कालीन मुग़लसराय कोतवाल शिवानंद मिश्रा को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि बिहार की तरफ से दो बाइक से पांच संदिग्ध लोग असलहे से लैश होकर किसी घटना को अंजाम देने के लिए वाराणसी की तरफ जा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और अलीनगर थाना क्षेत्र के लौंदा गावं के नजदीक नेशनल हाइवे दो पर बदमाशों को रुकने का इशारा किया. इस पर अपराधियों ने पुलिस टीम पर गोली चलानी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी फायरिंग करनी शुरू कर दी.
लौदा गांव के सिवान में मुठभेड़ के बाद जुटी थी ग्रामीणों की भीड़ —
पुलिस फायरिंग की वजह से बदमाशों की बाइक अनियंत्रित होकर हाइवे पर ही गिर पड़ी. इसके बाद दो बदमाश बाइक छोड़कर फायरिंग करते हुए खेतों से होते हुए लौंदा गावं की तरफ भागने लगे. इधर पुलिस भी फायरिंग करती रही. इसी दौरान जवाबी कार्यवाई में बदमाश बिरेन्द्र बेनवंशी को सीने पर गोली लग गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
मारे गए बदमाश की पहचान वाराणसी के फूलपुर वीरेंद्र बेनवंशी के रूप में हुई थी. वीरेंद्र बेनवंशी पर सहारनपुर से 25 हजार और वाराणसी से 25 हजार का इनाम घोषित था. बेनवंशी पर 20 से अधिक मामले उस दौरान दर्ज थे. वीरेंद्र यदुवंशी कुख्यात कॉन्टैक्ट किलर था. सुल्तानपुर स्टेशन से पेशी से लौटते समय 25 अप्रैल 2017 को वीरेंदर पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था.