वाराणसी— भेलूपुर पुलिस और एसटीएफ वाराणसी यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी आर्मी अफसर बनकर लोगों को झांसे में लेने वाले एक युवक की गिरफ्तारी ने बड़े फर्जीवाड़े की आशंका को जन्म दिया है. पकड़ा गया आरोपी धर्मेंद्र कुमार पांडेय चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव का निवासी है, जो वाराणसी के बृज एंक्लेव कॉलोनी में रहकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को आर्मी का अधिकारी बताकर लोगों के बीच विश्वास पैदा करता था. वर्दी और फर्जी पहचान के सहारे वह प्रभाव जमाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसका नेटवर्क वाराणसी के साथ-साथ चंदौली तक फैला हो सकता है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है.
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के 2 फर्जी आईडी कार्ड, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 2 ड्राइविंग लाइसेंस, 3 एटीएम कार्ड, 2 अंक पत्र और 1 शैक्षिक प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग पहचान से जुड़े दस्तावेज मिलने से पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से लोगों को ठग रहा था और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए कई नामों और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा था.
चंदौली कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस अब आरोपी के गृह जनपद में भी उसके पुराने रिकॉर्ड और संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने चंदौली और आसपास के जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है.
फिलहाल भेलूपुर पुलिस और एसटीएफ आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और यदि इसमें अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर एक बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है
फर्जी आर्मी अफसर बनकर चंदौली जिले के कैली गांव के धर्मेंद्र ने फैलाया था जाल: वाराणसी में एसटीएफ ने दबोचा. P-7 न्यूज़ पर पढ़े क्या है पुरा मामला…
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