चंदौली— जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह (57) के आकस्मिक निधन से अधिवक्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। वह क्राइम मामलों के प्रख्यात वकील के रूप में जाने जाते थे। मूल रूप से वाराणसी के गोपुरा चमरहा क्षेत्र के निवासी रहे सुरेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में मुगलसराय के कुढ़े कला में रह रहे थे। वर्ष 2021 में चंदौली में न्यायालय भवन निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने आठ दिनों तक आमरण अनशन किया था। उस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी चहल ने जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया था तथा भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई थी। हाल ही में हुए चंदौली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्होंने भाग लिया था और तीसरे स्थान पर रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही अधिवक्ता आलोक त्रिपाठी, दिलीप कुमार, विमल कुमार, प्रेम शंकर तिवारी सहित अनेक अधिवक्ताओं, समाजसेवियों और पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया। अपने पीछे वह पत्नी, दो पुत्र और दो पोतियों को छोड़ गए हैं।
चंदौली के जाने माने अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह का निधन, 2021 में न्यायालय स्थापना को लेकर किया था आमरण अनशन
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