Jai prakash Tiwari (jai tiwari)
चंदौली। जिले में पुलिस कर्मियों के लिए पहली बार आधुनिक अस्थायी आवास व्यवस्था के तहत ‘पोर्टा केबिन’ की शुरुआत की गई है। सकलडीहा कोतवाली और बबुरी थाने पर आरक्षियों के रहने के लिए इन पूर्वनिर्मित केबिनों को स्थापित किया जा रहा है। पुलिस विभाग के इस कदम को सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सकलडीहा कोतवाली में आरक्षियों के रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसे देखते हुए यहां दो पोर्टा केबिन लगाए गए हैं, जबकि बबुरी थाने पर एक केबिन स्थापित किया गया है। इन केबिनों को नोएडा/दिल्ली से मंगवाया गया है और इन्हें तेजी से स्थापित किया जा रहा है।
पोर्टा केबिन पूर्वनिर्मित (प्रिफैब्रिकेटेड) संरचनाएं होती हैं, जिन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इनमें रहने वाले कर्मियों के लिए बेड, बिजली, रोशनी, पंखे और वेंटिलेशन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। मजबूत स्टील और पीयूएफ पैनल से बने ये केबिन मौसम के अनुकूल और सुरक्षित माने जाते हैं। अलग-अलग आकार में उपलब्ध ये केबिन एक साथ 7-8 कर्मियों के रहने के लिए उपयुक्त होते हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से दूरस्थ और संसाधन-विहीन थानों में तैनात जवानों को बेहतर आवास सुविधा मिल सकेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
चंदौली जिले की फोर्स में शामिल होंगे 415 पुरुष और 101 महिला आरक्षी —
आगामी 29 अप्रैल को पासिंग आउट परेड के बाद चंदौली पुलिस को 516 नए जवान मिलने जा रहे हैं, जिनमें 415 पुरुष आरक्षी और 101 महिला आरक्षी शामिल हैं। नए जवानों के आने के साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।








